मंगलवार, जनवरी 16

उलझन

ज़िन्दगी में तमाम गुत्थियां भी कुछ ऐसे ही उलझी होती हैं, जिन्हें हम बहुत सुलझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके धागे हर बार एक नई उलझन पहन लेते हैं। उलझन के बीच हमें कामयाबी की वो सोने सी चमक बार बार नज़र आती है, जो हमें साहस देती है। बस थोड़ा और, थोड़ा और। उलझनों के बीच छिपी सफलता, कभी उंगलियों की खाली जगह से झांककर हमें बुलाती है, और नहीं मिटने देती हमारा भरोसा।